Sunday, 18 January 2015

गणेश भजन

हे गणनायक हे गजानन हे गणनायक हे गजानन
प्रथम तुमको नमन करें २

तुम हो प्रखर बुद्धि के स्वामी, तुम सम जगत कोई न ज्ञानी
बुद्धि परीक्षा जब शिव ने लीन्ही तब तुमने उनकी प्रदिक्षणा कीन्ही
गौरा मन ही मन हरषाई शिवजी बोले तुम महा ज्ञानी

हे गणनायक हे गजानन हे गणनायक हे गजानन

ऋदि्ध सिदि्ध तुम्हरे अधीना,तुम्हरी महिमा कोई न जाना
मेरी इतनी अरज है तुमसे मुख से न निकले कभी कटु वाणी
जब मृत्यु निकट मेरे आये द्वार तुम्हारे वो ले जाये

हे गणनायक हे गजानन हे गणनायक हे गजानन

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